अध्याय 483

वायलेट

किआन…सब कुछ आखिरकार उसी तक लौट आता था।

भले ही मुझे पहले से पता था, भले ही मैंने सपने में उस आवाज़ को पहचान लिया था—लेकिन ऐलियस के मुँह से उसका नाम साफ़-साफ़ सुनना, वो नाम, जैसे हर चीज़ पर आख़िरी मुहर लगा गया।

मेरे माँ-बाप उसके कब्ज़े में थे—और सिर्फ़ उसके नहीं…उस औरत, ग्लोरिया के भ...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें